Biology

Audio version created with Paper2Audio.

Listen on Paper2Audio

Biology

भोजन (Food)

भोजन तथा है?
भोजन
(Food)
भोजन (Food): पोषक तत्व (Nutrients) से भरपूर पदाथेजो जीवों द्वारा शरीर की वृद्धि (Growth), कार्य (Function), मरममत (Repair) और जीवन क्रियाओं (Life Processes) के लिए लिया जाता है। चंगनन: प्रत्येक व्यंजन एक या एक से अधिक प्रकार की कच्ची सामग्री से बना होता है, जो हमें पादपो या जंतुओं से मिलते हैं। कच्ची सामग्री के संघटक (Components of Raw Ingredients) क्या है?
कच्ची सामग्री में हमारे शरीर के लिए कुछ आवश्यक घटक होते हैं। इन घटकों को हम पोषक कहते हैं।
Image summary: यह एक आरेख (diagram) है जो 'मुख्य पोषक तत्व' को केंद्र में रखकर उनके विभिन्न प्रकारों को दर्शाता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन और खनिज लवणों को मुख्य पोषक तत्वों के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इस आरेख का उद्देश्य मानव शरीर के लिए आवश्यक मुख्य पोषक तत्वों के विभिन्न समूहों को स्पष्ट करना है।
पोशन तना (Nutrients)
भोजन के वे घटक (Components) होते हैं जिनकी शरीर को बृद्धि (Growth), जनन (Reproduction) और स्वस्थ जीवन (Healthy life) के लिए पयित मात्रा में आवश्यकता होती है। दो प्रकार के पोषक तत्त्व होते हैं
Table summary: पोषक तत्वों को उनकी आवश्यक मात्रा के आधार पर दो मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है। वृत्त पोषक तत्व या Macro Nutrients जैसे कि काबिडाईट, वसा, प्रोटोकिन और जल शरीर के लिए अधिक मात्रा में आवश्यक होते हैं, जबकि सुश्म पोषक तत्व या Micro Nutrients जैसे वेंटامिन और आवश्यक खानिय तत्व बेहद कम मात्रा में चाहिए होते हैं।

1. কাবিহাڈےc (Carbohydrates)

μετα:
- शरीर को ऊर्जा (Energy) देने का मुंख्य स्तोत।
- ♦ 1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट से 17 किलो जूल (kJ) या 4 किलो कैलोरी (kcal) ऊर्जा मिलती है।
- भोजन से मिलने वाली कुल ऊर्जा का लगभग 60-80% काबीहाइड्रेट से आता हैं।
- शरीर का लगभग 1% भाग कार्बोहाइड्रेट से बनता है।
मुख्य स्टोत्र
- आलू फल (केला, आम), अनाज (चावल, गेहू, मक्का), शहद, गंशा, चुकन्दर, जैम, रोटी, दुमध आदि
प्रति दिन आवश्यकता:
- वयंरक (Adult): लगभग 500 ग्राम कार्बोहाइड्रेट
- बच्चे, खिलाड़ी (Athletes), बदते शरीर के लिए अधिक मात्रा आवश्यक
स्टांट परीक्षण (Starch Test)
$ f(t) $ (Method):
- ❖ खाद पदार्थ पर 2-3 बूڈ आयोडीन विलेयन (Iodine Solution) डाले।
- यदि नीला-कला (Blue-Black) रंग उत्यक्ष होता है → स्टांच (Starch) उपस्थित है।
उदाहरण - स्टार्च खाद-पदार्थ, जैसे-आलू, ब্রে, चावल, आदि में पाया जाता है।

2. 핀징(Protein)

- प्राचीन शरीर की मरममत (Repair) और ऊर्जा (Energy) उप्पादन दोनों के लिए जिम्मेदार होता है।
- सर्वप्रथम शब्द का प्रयोग: J. Berzelius ने किया था। प्रोटिन के घटक (Composition of Protein):
Table summary: तत्व Cabin (C) के लिए एक उदाहरण उपलब्ध है, जिसे चेक मार्क द्वारा दर्शाया गया है।

BehtarinchoieskeERe-cJioNkarenP@teacherground

Table summary: हाइड्रोजन (H), आंक्सीलन (O), और नाइट्रोजन (N) मुख्य तत्व हैं जो हमेशा मौजूद रहते हैं, जबकि गन्धक (S), फॉन्सपोरस (P), और लौह (Fe) कभी-कभी पाए जाते हैं।
3of (Energy Value):
- ♦ 1 ग्राम प्रोटीन से लगभग 4.65 किलो कैलोरी (kcal) ऊर्जा प्राप्त होती है।
प्राचीन की दैनिक आवश्यकता:
- बयरके (Adult): 70 - 100 ग्राम प्रतिदिन
अभिनो अजल (Amino Acids)
शरीर में २० प्रकार के अभीनों अम्ल (Amino Acids) की आवश्यकता होती हैं।
10 अभीनो अम्ल शरीर स्वयं बनाता है।
शेष 10 अभीनो अम्ल भोजन (Diet) के माध्यम से प्राप्त होते हैं।
मुख्य स्रोत
दाले, मछली, अण्डा, पतीदार सिबेजिया, दुमध, फल, सोयाबीन, मटर, सेम, पनीर, दही आदि
प्राचीन का कार्य (Functions of Protein)
कोशिकाओं (Cells), जीद्धग (Protoplasm), अतको (Tissues) के निर्माण में सद्य करते हैं।
शारीरिक बृद्ध (Growth) के लिए अत्यंत आवश्यक।
प्रोटीन की कमी से: सद्विकास, चेहरे पर सूजन, बालों का बद्रंग होना और लंचा की बीमारियाँ
○ क्वाशियोकार (Kwashiorkor): बच्चों के हाथ-पाँव दुबले-पतले और पेंट बाहर निकल आता हैं।
○ मेरैम्स (Marasmus): शरीर की माँसपेशियों दीली हो जाती हैं।
प्राचीन परीक्षण (Protein Test)
पहति (Procedure):
- ❖ खाद्य पदार्थ को पैस्ट या चूर्ण (Powder) बनाकर परखनली (Test Tube) में रखें।
- उसमें 10 बूँद जल (Water) मिलाए।
- ❖ फिर 2 बूई कॉपर सल्फेट (Copper Sulfate, $ CuSO_{4} $) और 10 बूई कॉस्टिक सोडा (Caustic Soda, NaOH) डाले।
- यदि मिश्रण का रंग बेंगनी (Violet) हो जाए, तो प्रोटीन की उपस्थिति सिद्ध होती है।

3. Vitamin (Vitamin)

విద్యావితం జిల్ల కాబోనిక యోగిక (Organic Compounds) హేత ఉండే హేత కుమార్తె (Micronutrients) మానవ హాలు హాలు కాబోరిస్తే హాలు హాలు (Growth) హాలు వివాహక (Development) కొంతమంది హాలు హాలు హా
- इन्हें सबसे पहले Funk नामक वर्जिनिक ने "Vitamin" नाम दिया था।
విచాతించి కాక గాయ (Function of Vitamins):
वे प्रयक्ष (Direct) रूप से उपாपचयी क्रियाओं (Metabolic Reactions) में भाग नहीं लेते।
परन्तु एन्वाइम (Enzyme) के सहकारक (Cofactor) की तरह कार्य करते हैं।
❖ कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate), बसा (Fat) और प्रोटीन (Protein) के उपாपचय में मदद करते हैं।
○ अत: विद्यामिन → Metabolic Regulators कहलाते हैं।
प्राविनामन (Provitamin):
प्रोविटोमिन (Provitamin): बेटामिन का पूर्वग्रामी रूप। उदाहरण:
○ कैरोटिन (Carotin) → विद्यामिन A का Provitamin
○ अंग्रेस्ट्रॉल (Ergosterol) एरो बेटामिन द का प्रोविटामिन
वितमिन की कमी एवं अधिकता (Deficiency & Excess):
: Table summary: विटामिन्स की मात्रा और उनके प्रभाव के बीच का अंतर स्पष्ट किया गया है। जहाँ एवटामिनोসিस (Avitaminosis) विटामिन्स की कमी से होने वाली समस्या है, वहीं हाइपरकोलेमिनीडोस (Hypervitaminosis) शरीर में विटामिन्स की अत्यधिक मात्रा होने से होने वाली हानि को दर्शाता है।
वितாमिन का वर्गिकृष्ण (Classification of Vitamins)
1. बसा में धुलनशील विटोमिन (Fat-Soluble)
2. जल में घुलनशील विচमिन (Water-Soluble)

1. वसा में घुलनशील वितामिन (Fat-Soluble)

:Table summary: विभिन्न विटामिन्स, उनके स्रोतों, कार्यों और कमी से होने वाले प्रभावों का विवरण। Vitamin A मुख्य रूप से गानर, मक्खन और मछली के तेल से मिलता है, जो आँखों की रोशनी और त्वचा को स्वस्थ रखता है, इसकी कमी से रतलीध और त्वचा में शुकता होती है। Vitamin D सूर्य के प्रकाश, मक्खन और मछली के तेल से प्राप्त होता है, यह कैल्शियम और फॉर्माराय के अवशेषण में सहायक है, जिसकी कमी से बच्चों में रिक्टरस और वयस्कों में आंट्रियमलेशिया होता है। Vitamin E तेल, सोमाबीन और अंग्रे में पाया जाता है, जो प्रजनन और उतक सरक्षण में मदद करता है, इसकी कमी से बोर्ड्सन और मासपेशियों की कमजोरी हो सकती है। Vitamin K हरी-पतिमा, टमाटर और गोभी जैसे स्रोतों से मिलता है, जो रक्त का शक्ता वमला यानी ब्लड क्लॉटिंग के लिए जरूरी है, और इसकी कमी से अधिक रक्तस्वाव की समस्या होती है।

2. $ \underline{\text{यह क्लिसोडो}} $ (Water-Soluble)

: Table summary: विटामिन B1 और B2 के स्रोतों, कार्यों और उनकी कमी से होने वाले प्रभावों का विवरण। Vitamin B1, जिसे Thiamine भी कहते हैं, अनाज, दालों, सोयाबीन, दूध, यीस्ट, अंडों और मांस से मिलता है; यह कार्बोहाइड्रेट और अमीनो अम्ल के मेटाबॉलिज्म के लिए जरूरी कोएंजाइम का काम करता है और इसकी कमी से बेरी-बेरी रोग होता है, जिससे नसों और मांसपेशियों में कमजोरी आती है। वहीं Vitamin B2, जिसे Riboflavin कहते हैं, पनीर, अंडों, यीस्ट, हरी पत्तियों, मांस और लिवर में पाया जाता है; यह FAD और FMN कोएंजाइम का हिस्सा है जो ऊर्जा उपापचय में सहायक है और इसकी कमी से कैलोसिस होता है, जिससे होंठों और मुँह के कोनों में सूजन आ जाती है।
: Vitamin B3, B5, B6, B7, B9, B12 और Vitamin C के स्रोतों, कार्यों और उनकी कमी से होने वाले रोगों का विवरण है। Vitamin B3, जिसे Nicotinic Acid भी कहते हैं, यीस्ट, मांस, लिवर और मछली जैसे खाद्य पदार्थों में मिलता है और यह मेटाबॉलिज्म के लिए जरूरी NAD और NADP कोइनजाइम बनाता है; इसकी कमी से Pellagra और त्वचा व मानसिक विकार होते हैं। Vitamin B5 या Pantothenic Acid अंडे, लिवर, दूध और टमाटर में पाया जाता है, जो सेलुलर रेस्पिरेशन में मदद करने वाले Coenzyme A का निर्माण करता है; इसकी कमी से त्वचा और मानसिक विकार हो सकते हैं। Vitamin B6, जिसे Pyridoxine कहते हैं, दूध, यीस्ट और अनाज में मिलता है और प्रोटीन मेटाबॉलिज्म के लिए आवश्यक कोइनजाइम है; इसकी कमी से मानसिक विकार होते हैं। Vitamin B7 या Biotin मांस, गेहूं, अंडे और चॉकलेट में मिलता है और यह फैट्स और मस्तिष्क के कार्यों में कोइनजाइम के रूप में काम करता है; इसकी कमी से त्वचा और मानसिक विकार होते हैं। Vitamin B9 या Folic Acid हरी पत्तियों, सोयाबीन और लिवर में पाया जाता है, जो DNA सिंथेसिस और ब्लड सेल्स के लिए जरूरी है। Vitamin B12, जिसे Cyanocobalamin कहते हैं, मुख्य रूप से मांस, अंडे और दूध में मिलता है और RBC फॉर्मेशन और DNA सिंथेसिस में सहायक है। अंत में, Vitamin C या Ascorbic Acid खट्टे फलों और टमाटर में मिलता है, जो कोलेजन और इम्यून सिस्टम के लिए जरूरी है; इसकी कमी से Scurvy और मानसिक विकार हो सकते हैं।

4. वसा (Fat) या लिपि (Lipid)

- ✿ बसा, वसीय अम्ल (Fatty Acids) एवं गिलसरोल (Glycerol) के एस्टर (Ester) होते हैं।
- मुख्य रूप से कार्बन (C), हाइड्रोजन (H), और आँवसीजन (O) से मिलकर बने होते हैं।
- बहुत अधिक ऊर्जा (Energy) प्रदान करते हैं।
आदि मृत्यु (Energy Value of Fat):
- ♦ 1 ग्राम वसा से लगभग 37 किलोजूल (kJ) या 9.2 किलोज़लों (kcal) ऊर्जा प्राप्त होती हैं।
வசை செய்த (Sources of Fat)
- ❖ ऐी (Ghee), मक्खन (Butter), बादम (Almond), पनीर (Cheese), मूगफली (Peanut), माँस (Meat), सोयाबीन (Soybean), वनस्पति तेल (Vegetable Oil)
- ❖ सरसों का तेल (Mustard Oil), मूगफली का तेल (Peanut Oil) - सामाज्यतः द्विव अवस्था (Liquid State) में कमरे के तापमान (Room Temperature) पर पाए जाते हैं।
- ❖ स्रोत - पार्थों (Plants) और पशुओं (Animals) से प्राप्त होते हैं।
आवश्यक वसा अंजल (Essential Fatty Acids)
- शरीर में नहीं बनते, भोजन से प्राप्त करने पड़ते हैं।
- उदाहरण: लिनोলিক अम्ल (Linoleic Acid)
长寿
○ नेत्र गोलक (Eye Globe), वृक्क (Kidney), अण्डशय (Ovary) की सुरक्षा (Protection)।
○ इदंटकों (Shocks) से सुरक्षा प्रदान करना।
अस्पत्य बसा (Unsaturated Fats) vs संतपत बसा (Saturated Fats)
: Table summary: असत्तुल वसा और संतुल वसा के बीच मुख्य अंतर यह है कि असत्तुल वसा स्वास्थ्य के लिए बेहतर होती है, जबकि संतुल वसा की अधिक मात्रा हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकती है। भौतिक रूप से, असत्तुल वसा कमरे के तापमान पर द्रव यानी लिक्विड होती है और वनस्पति तेल जैसे स्रोतों से मिलती है। इसके विपरीत, संतुल वसा कमरे के तापमान पर ठोस होती है और घी तथा मक्खन जैसे स्रोतों में पाई जाती है।
अधिक वसा के गुणसान
- कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की मात्रा बदती है → हाइपरकोलेस्ट्रोलीमिया (Hypercholesterolemia)
- मोटापा (Obesity) बढ़ना
- ✿ हृदय रोग (Heart Disease) का खतरा
வசா பரிஷிள (Fat Test)
प्रश्न का (Procedure):
1. खाद्य पदार्थ की थोड़ी मात्रा कागज (Filter Paper) मंलपेटों
2. इस चूर-चूर कर दो
3. यदि कागज पर तेलनुमा (Oily) धबे बनें $ \rightarrow $ वसा की उपस्थिति (Presence of Fat)

5. खानिज लावा (Mineral Salts)

- ❖ धातु (Metal), अधातु (Non-metal) और उनके लवण (Salts) → खनिज लवण (Minerals) कहलाते हैं।
- ✿ हमारे शरीर में खनिज लवण लगभग 4% भाग बनाते हैं।
खाना लगने के प्रकार
Table summary: पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों को दो श्रेणियों में बांटा गया है। हतौपेक या Macronutrients की आवश्यकता आधिक मात्रा में होती है, जिसमें कैलिस्यम (Ca), फोर्नोरस (P), पोर्टेशियम (K), गवर्नक (S), सोडियम (Na), क्लोरीन (Cl) और मैरीलिसम (Mg) शामिल हैं। वहीं, सूक्ष्म पोषक या Micronutrients की आवश्यकता बहुत कम मात्रा में होती है, जिसके उदाहरणों में आयोगीन (I), लॉह (Iron - Fe), कौबाल्ट (Co), फ्लोरीन (Fluorine - F), मोलीड्रैनम (Mo) और सेलिनियम (Se) आते हैं।
स्टॉन (Sources of Minerals)
- दुद्ध (Milk), अण्डा (Egg), माँस (Meat), फल (Fruits), सितनायों (Vegetables), नमक (Salt) आदि।
cité (Iron - Fe)
फाई ऑफ फंक्शन
○ हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) प्रोटीन के निर्माण में सहायक।
○ हीमोग्लोबिन रक्ष (Blood) में लाल रंग का क्षसनी बर्निक (Respiratory Pigment) है।
✿ मुख्य स्तर (Sources):
○ यकृत (Liver), वृवक (Kidney), अण्डा (Egg), अमरद (Guava), बाजरा (Millet), पालक (Spinach)।
लड़कियों में आवश्यक मात्रा: 35 mg
लड़कों में आवश्यक मात्रा: 25 mg
○ कारण: मासिक चक (Menstrual Cycle) के दौरान लड़कियों में अधिक रक्त की होनी होती है।
लॉर्ड्स की कमश (Iron Deficiency):
○ रत्नाचपता (Anaemia)।
कلىशयम (Calcium - Ca)
- ❖ कैलिशयम (Calcium - Ca) शरीर में अस्थि (Bones) और दाँत (Teeth) के निर्माण (Formation) में सहायक होता है।

behtarinchoieskeFye-cJioNkarenP@teacherground

- यह स्थिर स्कन्दन (Blood Clotting), पेशीय संकुचन (Muscle Contraction), तथा हृदय की कायिकी (Heart Functioning) के लिए भी आवश्यक है।
आवश्यक लावा (Essential Salt)
- कैलिश्यामाफ़्लोफेंट (Calcium Phosphate - सी ए 3 पी ओ 4 2) → शरीर के लिए आवश्यक कैलिश्याम का मुख्य रूप।
- मुख्य स्रोत (Sources): दुःध व दुःध से बने पदार्थ, हरी सिबेज्यां, गांजर, माँस, आदि
कैलिफेसयम की कमी से टिटेनी (Tetani) एवं रिकेट्स रोग हो जाते हैं। बच्चों एवं गभींती सिखकों को इसकी अधिक आवश्यकता होती हैं।
आयोदित (Iodine - I)
长寿
○ थाइरॉक्सीन (Thyroxine) हामिन निमिंग में आवश्यक।
○ शारीरिक, मानसिक और लैंगिक बिकास नियर्चित करता है।
○ मुख्य स्ोत: पानी, पाना, समुद्री मछली, समुद्री भोजन, आयोडीन युक्त नमक (के आई ओ 3)
○ कामी: घेटा (Goitre)
फ़ॉल्क्स (Phosphorus - P)
长寿
○ अस्थि और दाँत निर्माण में सहायक।
○ फॉस्फोलिপিड, न्यूक्लोक अम्ल (DNA & RNA), ATP का घटक।
○ मुख्य स्ोत: दृध, हरी पतेशार सिसेजिया, अनाज, अण्डा
○ कमी: बृद्धि रक जाना, उपापचय रक जाना, टिटेनी (Tetani), रिक्ट्स (Rickets)
Sodium (Sodium - Na $ ^{+} $)
长寿
○ बाह्य और अन्त: कोशिकीय तरल का मुख्य धनायन।
○ NaCl के रूप में पाया जाता है।
○ गलूकोस अवशेषण, तत्रिका और पेशियों के विद्युत रासायनिक आवेग संचालन में सहायक।
○ शरीर में परासरण दाब निर्धारित करता है।
○ मुख्य स्ोत: नमक, मछली, माँस, अण्डा, दूध
○ कमी: मानसिक तनाव, असामान्य पेशी संकुचन
पोटेशियम (Potassium - K $ ^{+} $)
长寿
○ बाह्य और अन्त: कोशिकीय तरल का मुख्य धनायना।
○ पोर्ट्शियम क्लोशइड (KCl) के रूप में पाया जाता है।
शरीर में आयनों और जल स्तर को नियहित।
○ पेशी संकुचन और तत्रिका संवेदनाओं में मुख्य भूमिका
○ मुख्य स्ोत: केला, खज़र, आलू
कमी: तत्रिका सम्बन्धी रोग, लकका (Paralysis)
क्लोरीन (Chlorine - Cl)
- कियें बात कोशिकीय (Extracellular) तरल का मुख्य कर्णायन (Anion)।
- HCl (Hydrochloric Acid) నిమిగిసి ఖాతం (Acid-Base) స్తులం మీ సమాధానం కాదు
मेंबूशियम (Magnesium - Mg)
$ ^{*} $कायं
○ एनवाइम (Enzyme) सिक्रिय करता है।
○ हिडुयो और दाँतो का घटक।
कमी: व्याक्षोभ (Convulsion)।
2402 (Sulfur - S)
- कार्यि: प्रोटीन (Proteins), एनवाइम (Enzymes) और सहएनवाइम (Coenzymes) का मुख्य घटक।
chiltoc (Cobalt - Co)
- कार्यं: विदामिन B12 का घटक।
- कमी: प्रणाशी रशालपता (Pernicious Anaemia)
फ्लोशिन (Fluorine - F)
$ ^{*} $ 参考:
○ दाँत की इन्मेल (Enamel) और दत्त ध्रय (Dental Decay) को रोकता है।
స్టोత: दृध आँर पीने का जला
अत्यधिक सेवन: हानिकारक, फ्लोरोसिस (Fluorosis)।
उन्होंने (Roughage / Fibrous Material)
✿ रेशदार पदार्थ जो भोजन में पाया जाता है। कार्यि: पाचन तत्र (Digestive System) की बेहतरी, कब्ज (Constipation) रोकना। స్తोत: सलाद (Salad), अनाजों की बाहू परत, सखिजयाँ, दिलिया (Dalia)। विशेष: शरीर की वृद्धि में सहायक नहीं क्योंकि इसका पाचन नहीं होता।
$ \overline{\mathrm{CM}} $ (Water - H_{2}O)
अकाबिनிக पदार्थ (Inorganic Substance)। शरीर में मात्रा: 60-75%। क्यं
○ पसीने और बाष्पन (Evaporation) से शरीर का ताप नियहित।
○ पाचन (Digestion), परिवहन (Transport) और उत्सर्जन (Excretion) में सहायक।
○ रासायनिक प्रतिक्रियाओं (Chemical Reactions)
में भागा ❖ स्पोत: उपपापचयी जल (Metabolic Water), तरल भोजन, पीने का जला कमी: निज़लीकरण (Dehydration)
संतुलित आहार (Balanced Diet)
✿ ऐसा आहार जिसमें सभी पाएक तत्व (Nutrients) उचित अनुपात (Proper Proportion) में सम्मिलित हों → संतुलित आहार ❖ उच्च स्तर के शारीरिक (Physical) और मान्यिक (Mental) स्वास्थ्य के लिए आवश्यक। ❖ प्रयोग क्योंकि के लिए आयु (Age), स्वास्थ्य (Health) और कार्य (Activity) के अनुसार अलग-अलग। प्रतिदिन ऑसत कलोरी (Calorie) आवश्यकता तालिका
: Table summary: 10-12 वर्ष के आयु वर्ग के लिए प्रतिदिन 2000 कैलोरी की आवश्यकता होती है, क्योंकि वृद्धि की अवस्था में ऊर्जा की अधिक जरूरत होती है।
Table summary: अलग-अलग आयु समूहों के लिए दैनिक कैलोरी की आवश्यकताएं दी गई हैं। किशोरों में उम्र के साथ कैलोरी की जरूरत बढ़ती है, जहाँ 12-14 वर्ष के लिए 2200 कलौरी, 14-16 वर्ष के लिए 2600 कलोरी और 15-18 वर्ष के लिए 3000 कलोरी की आवश्यकता होती है, जो शारीरिक विकास और हार्मोनल बदलावों से जुड़ी है। वयस्कों के लिए यह आवश्यकता 2500 से 4000 कलौरी के बीच है, जो उनके वर्कलोड और लाइफस्टाइल पर निर्भर करती है। वहीं, 66-75 वर्ष के बुजुर्गों के लिए यह घटकर 2300 कलोरी रह जाती है, क्योंकि उम्र के साथ मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है।
भोजन की गुणवत्ता का अनुस्ॅधण (Food Quality Maintenance)
भोजन की गुणवत्ता
◆ भोजन की गुणवत्ता का अनुरक्षण मतलब हैं भोजन को संदूषित (Contaminated) या खराब (Spoiled) होने से बचाना। इससे हम खाद्य विषाक्तता (Food Poisoning) से सुरक्षित रहते हैं।
भोजन की सफाई (Cleaning of Food)
❖ भोजन केवल भूख नहीं मिटाता, बल्कि शारीरिक (Physical) और मानसिक (Mental) गतिविधियों के लिए पॉषिक तत्व (Nutrients) भी देता है। यदि भोजन स्वच्छ (Clean) न हो → स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव कच्चा और पकाया हुआ भोजन - दोनों में सफाई महतवपूर्ण। अधिक दैर तक खाना पकाने से पोषक तत्व (Nutrients)
नष्ट हो सकते हैं।
खोध परिश्न (Food Preservation)
- भोजन की सफाई के बाद क्वालिटी बनाए रखने के लिए खाद परिरक्षण जरूरी
- Food Preservation → भोज्य पदार्थों को भूतिक (Physical) या रासायनिक (Chemical) या दोनों तरीकों से सुश्रोही बनाना।
इसका उद्देश्य
○ पॉफिकता बनाए रखना (Maintain Nutritional Value)
○ जीवनकाल (Shelf Life) बढ़ाना
खोध परिश्न का मुख प्रणालीयां
जीवाणुनाशन प्रणाली (Bactericidal Method) → जीवाणु (Bacteria) नष्ट।
जीवाणु निष्कयण प्रणाली (Bacteriostatic Method) एरो जीवाणु की वृद्धि रोकना।
○ उदाहरण: लवणन (Salting), शुषकन (Drying), निर्जलीकरण (Dehydration), अम्लोपचार (Acid Treatment)
नमक और चीनी द्वारा परिश्नॅन
- ❖ अधिक मात्रा में नमक (Salt) और चीनी (Sugar) → सूहमजीव (Microorganisms) की कोशिकाओं का जीवद्यक्तचन (Plasmolysis)।
परिणाम: सूक्ष्मजीब मृत हो जाते हैं।
खोध विषाक्तता (Food Poisoning)
स्टार कारण:
○ भोजन में रोग उत्पन्न करने वाले सूह्मजीव (Bacteria & Fungi)
○ रोगानुओं द्वारा उत्पन्न विषैले पदार्थ (Toxins)
❖ रोकथाम: भोजन की स्वच्छता (Hygiene) और उचित परिक्षण (Preservation)
खाय परिश्नण की मुख्य विधियाँ (Food Preservation Methods)
Table summary: खाद्य संरक्षण की विभिन्न विधियों और उनकी प्रक्रियाओं का विवरण दिया गया है। इसमें उच्च ताप उपचार के जरिए भोजन को गर्म कर जीवाणुओं को नष्ट किया जाता है, जैसे कि सबैनी और मांस के लिए। पाश्यरिकरण में तरल को 62.8 डिग्री सेल्सियस पर 30 मिनट या 71.7 डिग्री सेल्सियस पर 15 सेकंड तक गर्म किया जाता है। डिब्बाबंदी यानी Canning के लिए 120 से 126 डिग्री सेल्सियस के उच्च तापमान और दाब का उपयोग 15 से 90 मिनट तक किया जाता है, जो फलों के लिए उपयोगी है। इसके अलावा, निर्जलीकरण द्वारा भोजन को सुखाकर और किमीकरण यानी Freezing के जरिए अत्यधिक कम तापमान पर जीवाणुओं को निष्क्रिय किया जाता है, जिसका उपयोग फल और अन्य खाद्य पदार्थों के लिए होता है। वहीं, निम्न ताप उपचार में जीवाणु मरते नहीं हैं, बल्कि उनकी वृद्धि और उपापचयी क्रियाएं धीमी हो जाती हैं।
आप दस्तावेज़ के अंत तक पहुँच गए हैं।