Wild Zone
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Chapter 11 — The Missing Ones
Door बंद होते ही सबसे पहले जो चीज़ Aarav ने महसूस की, वह silence था। पूरा silence नहीं। बहुत हल्की vibration थी। जैसे कहीं बहुत दूर कोई मशीन लगातार चल रही हो।
Kabir ने पीछे मुड़कर देखा।
Metal door अब बंद था। “भाई…”
Aarav ने कहा, “हूँ।” “हम वापस कैसे जाएँगे?”
Aarav ने door को देखा। “पता नहीं।”
Meera ने तुरंत कहा—
“Great. बहुत अच्छा answer.”
Aarav ने हल्की साँस छोड़ी।
“Panic मत करो।”
Kabir ने कहा— “मैं panic नहीं कर रहा।” “तू काँप क्यों रहा है?”
“ठंड है।”
Meera ने कहा— “यहाँ बाहर से बहुत ज्यादा ठंड है।” तीनों कुछ seconds चुप रहे।
Aarav ने torch आगे की तरफ घुमाई। जिस जगह वे खड़े थे, वह tunnel जैसी नहीं थी। दीवारें पत्थर की थीं। लेकिन पत्थर बिल्कुल smooth थे। जैसे किसी machine ने काटे हों। नीली रोशनी दीवारों के अंदर से आ रही थी। कोई lamp नहीं। कोई wire नहीं। बस पत्थर खुद हल्का चमक रहा था।
Aarav ने धीरे से कहा— “यह पुराना नहीं है।”
Kabir ने पूछा— “तुझे कैसे पता?”
“अगर यह बहुत पुराना होता तो…”
Aarav ने दीवार को देखा। “…इतना clean नहीं होता।”
Meera ने तुरंत कहा— “यह assumption है।”
Aarav मुस्कुराया। “ठीक है। Scientific version—हम नहीं जानते।” *** उन्होंने आगे बढ़ना शुरू किया।
Footprints जमीन पर साफ थे। तीन अलग-अलग patterns। कुछ human जैसे। कुछ बिल्कुल अलग।
Meera नीचे बैठ गई। “ये fresh हैं।”
Kabir ने पूछा— “कितने fresh?”
“पता नहीं।”
Aarav ने torch नीचे की। एक footprint के किनारे पर हल्की blue dust थी। उसने उसे touch नहीं किया। लेकिन उसकी हथेली गर्म हो गई। वही symbol। तीन lines।
Circle। फिर अचानक— उसके दिमाग में एक image आई। एक corridor। कई लोग भाग रहे थे।
Alarm lights। एक door बंद हो रहा था। और कोई चिल्ला रहा था—
“Close it!”
Image टूट गई।
Aarav पीछे हट गया।
Kabir ने पूछा— “फिर से?”
Aarav ने सिर हिलाया। “हाँ।”
Meera ने कहा— “क्या देखा?”
“लोग।” “कितने?”
“बहुत।” “कहाँ?”
Aarav ने corridor की तरफ देखा। “शायद यहीं।” *** कुछ आगे उन्हें पहला room मिला। दरवाज़ा खुला था। अंदर metal tables थीं। कुछ टूटे हुए containers। दीवार पर faded markings। और एक बड़ा circular frame।
Aarav का दिल तेज़ हो गया। “यह वही machine है।”
Meera ने कहा— “वही नहीं। Similar.”
Kabir ने frame के पास जाकर देखा। “इसमें electricity नहीं है।” फिर भी frame के center में बहुत हल्की blue mist थी।
Aarav ने हाथ पास किया।
Mist एक पल के लिए उसकी तरफ मुड़ी। उसने तुरंत हाथ पीछे खींच लिया। “मत।”
Meera ने कहा— “क्यों?”
“यह react कर रही है।” ***
Room के दूसरे side पर एक glass cabinet था। अंदर कुछ black objects रखे थे। छोटे। पत्थर जैसे। लेकिन हर object पर अलग pattern था। एक पर three lines। दूसरे पर curved shape। तीसरे पर circle के अंदर छोटे dots।
Meera ने कहा—
“Symbols.”
Aarav ने कहा— “या किसी system के parts।”
Kabir ने पूछा— “क्या यह सब उसी civilization का है?”
Aarav ने उसकी तरफ देखा। “हम अभी civilization तक नहीं पहुँचे।” “भाई, underground secret room में alien-looking machines पड़ी हैं। थोड़ा civilization वाला guess तो बनता है।”
Meera ने कहा—
“Alien नहीं बोलो।”
Kabir ने पूछा— “क्यों?”
“क्योंकि हमें नहीं पता कि वे कहाँ से हैं।”
Aarav ने दोनों को देखा। “चलो। पहले बाहर निकलने का रास्ता।” *** दूसरे corridor में हवा और ठंडी हो गई। एक जगह दीवार पर scratches थे। लेकिन scratches random नहीं थे। तीन। फिर पाँच। फिर सात।
Aarav ने notebook निकाली। उसने count किया।
“Pattern increasing है।”
Meera ने पूछा—
“Prime numbers?”
Aarav ने कुछ seconds देखा। “नहीं। शायद.”
Kabir ने कहा— “तुम लोग दीवार के scratches पर mathematics कर रहे हो?”
“हाँ।” “ठीक है। मैं चुप हूँ।” *** अचानक आगे से आवाज़ आई। कदमों की। एक। फिर दूसरा। तीनों रुक गए।
Kabir ने torch बंद कर दी।
Aarav ने हाथ उठाया। आवाज़ पास आती गई। फिर रुक गई। सामने darkness में दो छोटे blue reflections दिखाई दिए।
Kabir ने साँस रोक ली।
Aarav ने धीरे से torch on की। एक छोटा creature wall के पास खड़ा था। चार पैर। लंबी tail। पतला शरीर। वह उन्हें देख रहा था।
Aarav ने धीरे से कहा—
“Move मत करना।”
Creature ने head tilt किया। फिर— वह पीछे हट गया। भागा नहीं। बस धीरे-धीरे darkness में चला गया।
Kabir ने फुसफुसाकर कहा— “यह हमें attack क्यों नहीं कर रहा?”
Meera ने कहा— “शायद हम उसके territory में नहीं हैं।”
Aarav ने कहा— “या यह intelligent है।”
Creature darkness में गायब हो चुका था। *** कुछ देर बाद उन्हें एक बड़ा chamber मिला।
Room के center में circular platform था। उस पर तीन shallow depressions। तीन जगह।
Aarav की हथेली गर्म हुई। उसने platform के पास कदम रखा। तीनों depressions में से पहला हल्का नीला चमका। फिर दूसरा। तीसरा नहीं।
Aarav ने पीछे हटकर कहा— “यह मेरे mark को recognize कर रहा है।”
Meera ने पूछा— “तुम्हारा mark क्या है?”
“पता नहीं।” “तो पता करो।”
Aarav ने platform के ऊपर हाथ रखा। इस बार कोई image नहीं आई। बल्कि एक sound आया। तीन अलग tones।
Low।
Medium।
High। फिर एक line दीवार पर दिखाई दी।
Aarav पढ़ नहीं सकता था। लेकिन उसके दिमाग में उसका अर्थ आया। **THREE RETURNED.**
Aarav जम गया।
Kabir ने पूछा— “क्या लिखा है?”
Aarav ने धीरे से कहा—
“Three returned.”
Meera ने पूछा— “कौन तीन?”
Aarav ने पीछे देखा। वे तीनों। उसका चेहरा बदल गया। *** उसी moment chamber के दूसरी तरफ एक भारी आवाज़ हुई। एक बड़ा metal door खुला। अंदर darkness। फिर— एक आदमी बाहर आया।
Human.
पूरी तरह human दिखने वाला। उसके कपड़े फटे हुए थे। चेहरा दुबला। बाल लंबे। हाथ में एक metal rod। वह उन्हें देखकर रुक गया। तीनों freeze। आदमी ने बहुत धीमी आवाज़ में पूछा— “तुम लोग… Earth से आए हो?”
Aarav का गला सूख गया। “हाँ।” आदमी ने आँखें बंद कर लीं। जैसे उसने कोई impossible बात सुन ली हो। फिर वह दीवार से टिक गया। “इतने साल…”
Kabir ने पूछा— “आप कौन हैं?”
आदमी ने जवाब देने की कोशिश की। लेकिन वह अचानक गिर पड़ा।
Aarav और Meera उसकी तरफ दौड़े। उसकी breathing weak थी।
Aarav ने first-aid kit निकाली।
“Pulse है।”
Meera ने कहा—
“Water.”
Kabir ने bottle दी। आदमी ने मुश्किल से पानी पिया। कुछ seconds बाद उसकी आँखें खुलीं। उसने Aarav की हथेली देखी। तीन lines। उसकी आँखों में डर आ गया। “यह तुम्हें कैसे मिला?”
Aarav ने पूछा— “आप कौन हैं?”
आदमी ने सीधे जवाब नहीं दिया। उसने कहा— “तुम्हें यहाँ नहीं आना चाहिए था।”
Aarav ने कहा— “हमें लगा यह रास्ता बाहर जाता है।” आदमी ने हल्की हँसी दी। “बाहर?”
उसने पीछे darkness की तरफ देखा। “यह जगह बाहर नहीं जाती।”
Aarav ने पूछा— “तो कहाँ जाती है?”
आदमी ने कहा— “दूसरी तरफ।” *** कुछ minutes बाद आदमी ने अपना नाम बताया।
“Vikrant.”
Aarav ने तुरंत पूछा— “आप कितने समय से यहाँ हैं?”
Vikrant ने उसकी तरफ देखा। “तुम्हारे लिए?”
“मतलब?”
“तुम्हारी दुनिया में कितने साल हुए?”
Aarav ने date बताई।
Vikrant कुछ seconds चुप रहा। फिर उसने कहा— “मेरे लिए… शायद चार।”
Kabir ने कहा— “चार साल?”
Vikrant ने सिर हिलाया। “शायद।” “शायद क्यों?”
“यहाँ clocks काम नहीं करतीं।”
Meera ने पूछा— “आपकी team?”
Vikrant ने नजरें झुका लीं। “कुछ मारे गए।” “कुछ?”
“कुछ वापस नहीं आए।” “और बाकी?”
Vikrant ने कहा— “मैं आखिरी था।”
Room में silence हो गया।
Aarav ने पूछा— “आप यहाँ कैसे आए?”
Vikrant ने उसे देखा।
“Breach।”
Aarav की साँस रुक गई। “कितने समय पहले?”
“पहले।” “पहले कब?”
Vikrant ने कहा— “जब तुम्हारी government अभी इसे समझ भी नहीं रही थी।” ***
Vikrant ने उन्हें दूसरे room में ले जाकर एक wall map दिखाया।
Map Earth का नहीं था। बहुत बड़ा landscape।
Mountains।
Rivers।
Black regions। और कई छोटे circles। “ये क्या हैं?”
“Doors.”
Aarav ने पूछा— “कितने?”
Vikrant ने कहा— “जितने तुम देख रहे हो, उससे ज्यादा।”
Meera ने map के एक corner पर symbol देखा। “यह वही है।”
Vikrant ने कहा— “हाँ।” “इसका मतलब?”
Vikrant ने Aarav की हथेली की तरफ देखा।
“Connection.”
***
Vikrant ने बताया कि उसकी team वर्षों पहले एक unstable Breach से गुज़री थी। वे वापस आना चाहते थे। लेकिन जिस रास्ते से आए थे, वह बंद हो गया। उन्होंने दूसरे doors खोजे। कुछ dead थे। कुछ dangerous। कुछ दूसरी जगहों पर खुलते थे। कुछ ऐसे थे जहाँ से वे वापस Earth तक नहीं पहुँच सके।
Aarav ने पूछा— “तो आप इतने साल से survive कैसे कर रहे हैं?”
Vikrant ने कमरे में पड़े containers की तरफ इशारा किया।
“Food.”
“कहाँ से?”
“कुछ local organisms। कुछ पुराने stores।”
Kabir ने पूछा— “और पानी?”
“नीचे river.”
Aarav ने समझा— यह कोई simple secret tunnel नहीं था। यह एक पूरा underground system था। ***
Vikrant ने अचानक Aarav से पूछा— “तुम्हारे साथ और कौन आया?”
Aarav ने Kabir और Meera की तरफ देखा। “बस हम तीन।”
Vikrant ने कुछ seconds उन्हें देखा। फिर पूछा— “और वह बच्चा?”
Aarav का चेहरा बदल गया। “कौन बच्चा?”
Vikrant ने कहा— “तुम्हारे पीछे जो आया था।” तीनों ने पीछे देखा। कुछ नहीं।
Aarav ने कहा— “कोई नहीं आया।”
Vikrant का चेहरा सख्त हो गया। “तुम्हें sure होना चाहिए।”
Aarav ने पूछा— “आपने किसे देखा?”
Vikrant ने जवाब नहीं दिया। उसने बस chamber के पीछे देखा। वहाँ darkness थी। फिर— एक बहुत हल्की आवाज़ आई। “भैया…”
Aarav जम गया। यह आवाज़ उसके छोटे भाई की थी। लेकिन उसका भाई घर पर था। विक्रम नहीं।
Vikrant ने तुरंत metal rod उठा ली। “उस आवाज़ के पीछे मत जाना।”
Aarav ने पूछा— “क्यों?”
Vikrant ने कहा— “क्योंकि यहाँ जो आवाज़ें तुम्हें बुलाती हैं…”
उसने darkness की तरफ देखा। “…वे हमेशा वही नहीं होतीं जिन्हें तुम सुन रहे होते हो।” आवाज़ फिर आई। “भैया…”
इस बार थोड़ी दूर से। फिर— “भैया…”
Aarav की हथेली जलने लगी। तीन lines चमक उठीं। और chamber की दीवार पर एक चौथा mark दिखाई दिया।
Vikrant ने उसे देखते ही कहा— “ओह नहीं।”
Aarav ने पूछा— “क्या?”
Vikrant ने जवाब दिया— “अब यह हमें भी ढूँढ रहा है।” अचानक पूरा underground chamber काँप उठा। दूर कहीं कई doors एक साथ खुलने की आवाज़ आई। और फिर— एक के बाद एक— पूरे complex में blue lights जलने लगीं।
Wild Zone
Chapter 12 — Across the Breach
Audiobook Draft
— — —
Blue lights एक साथ जलने के बाद complex पहले से बिल्कुल अलग लग रहा था। कुछ seconds पहले तक जो जगह abandoned facility जैसी थी, अब वह जीवित लग रही थी। दीवारों के अंदर light दौड़ रही थी। एक line। फिर दूसरी। फिर तीसरी। जैसे किसी विशाल system में electricity वापस आ रही हो।
Vikrant ने तुरंत कहा— “सब मेरे पीछे।”
Aarav ने पूछा— “क्या हो रहा है?”
“Doors waking up.”
Kabir ने कहा— “मतलब?”
Vikrant ने उसे देखा। “मतलब हम यहाँ ज्यादा देर नहीं रह सकते।”
Meera ने पूछा— “क्यों?”
Vikrant ने जवाब देने के बजाय corridor की तरफ इशारा किया। दूर एक metal door खुला। फिर दूसरा। फिर तीसरा। हर door के अंदर अलग blue light।
Aarav ने पूछा— “ये सारे कहाँ जाते हैं?”
Vikrant ने कहा— “कुछ places पर।” “कौन-सी places?”
“कुछ safe हैं।” वह रुका। “कुछ नहीं।” *** उन्होंने वापस उस chamber की तरफ चलना शुरू किया जहाँ से Aarav और उसके दोस्त आए थे। लेकिन रास्ता बदल चुका था। पहले corridor सीधा था। अब वह दो जगह split हो रहा था।
Vikrant ने wall पर एक छोटा scratch देखा। “यहाँ से।”
Aarav ने पूछा— “आपको कैसे पता?”
“मैंने यह route बनाया था।” “चार साल पहले?”
“हाँ।”
Kabir ने धीरे से कहा— “और route अब भी same है?”
Vikrant ने सिर हिलाया। “नहीं।”
Aarav ने पूछा— “फिर?”
Vikrant ने कहा— “यही problem है।” *** वे आगे बढ़े। कुछ meters बाद एक door मिला। उस पर कोई symbol नहीं था। बस एक छोटी metal plate:
**03**
Aarav रुक गया। उसकी हथेली गर्म हो गई।
Vikrant ने तुरंत उसे देखा। “तुम्हें यह number दिख रहा है?”
“हाँ।” “और क्या?”
“कुछ नहीं।”
Vikrant ने कहा—
“Good.”
Meera ने पूछा— “इस door के पीछे क्या है?”
Vikrant ने कहा— “यह door नहीं है।”
Kabir ने कहा— “तो?”
“Gateway.”
उसने metal plate को छुआ।
Door की surface पर blue lines फैल गईं। फिर बीच में एक circular opening बन गई। अंदर— कुछ नहीं। सिर्फ darkness।
Vikrant ने कहा— “अगर हम सही sequence डालें तो यह Earth पर वापस ले जा सकता है।”
Aarav ने पूछा— “अगर गलत sequence?”
Vikrant ने कहा— “तुम्हें पता नहीं चलेगा कि कहाँ पहुँचे।”
Kabir ने कहा—
“Nice.”
***
Vikrant ने तीन symbols press किए। पहला। दूसरा। तीसरा।
Gateway के अंदर darkness हल्की होने लगी। फिर— एक landscape दिखाई दिया। पेड़। घास। आसमान।
Aarav ने राहत की साँस ली।
“Earth?”
Vikrant ने सिर हिलाया। “शायद।”
Meera ने पूछा— “शायद?”
Vikrant ने कहा— “हर green place Earth नहीं है।”
Aarav ने landscape को ध्यान से देखा।
Trees Earth जैसे थे।
Grass भी। लेकिन sky का color थोड़ा अलग था। और दूर horizon पर दो moons दिखाई दे रहे थे।
Kabir ने तुरंत कहा—
“Okay. Earth नहीं।”
Vikrant ने gateway बंद कर दिया। “यही reason है कि तुम किसी भी door से बाहर नहीं जा सकते।” *** अचानक पीछे से वही आवाज़ आई। “भैया…”
Aarav ने आँखें बंद कर लीं। उसका भाई। बिल्कुल उसकी आवाज़। “भैया…”
Meera ने उसका हाथ पकड़ लिया। “मत जाना।”
Aarav ने कहा— “मुझे पता है।” लेकिन आवाज़ अब बहुत पास थी। “भैया…”
Vikrant ने कहा— “वह तुम्हारे दिमाग से information निकाल रहा है।”
Aarav ने पूछा— “क्या?”
“यह place memories को sense कर सकता है।”
Kabir ने कहा— “यह कैसे possible है?”
Vikrant ने कहा— “मुझे नहीं पता।” फिर उसने corridor के एक dark corner की तरफ rod उठाई। “लेकिन मैंने लोगों को इसी वजह से खोया है।” *** आवाज़ अचानक बंद हो गई। कुछ seconds तक silence। फिर— एक creature corridor के दूसरे end पर दिखाई दिया। छोटा। वही चार पैर वाला।
Vikrant ने उसे देखा।
Creature ने हमला नहीं किया। बस खड़ा रहा। फिर उसने पीछे मुड़कर देखा। जैसे किसी रास्ते की तरफ संकेत कर रहा हो।
Vikrant ने कहा— “इसे follow मत करना।”
Creature कुछ seconds बाद चला गया।
Aarav ने पूछा— “क्यों?”
“क्योंकि यहाँ harmless दिखने वाली चीज़ें अक्सर किसी और चीज़ के लिए रास्ता दिखाती हैं।” *** उन्होंने दूसरी दिशा चुनी। कुछ दूर जाने पर corridor खुलकर एक विशाल underground chamber में बदल गया।
Center में पानी था। एक circular pool। उसके ऊपर हवा में हल्की blue mist।
Vikrant ने कहा— “यहाँ से हम बाहर जा सकते हैं।”
Aarav ने पूछा— “कैसे?”
“Water passage.”
Kabir ने pool देखा। “हम पानी में जाएँगे?”
“हाँ।” “मुझे swimming आती है।”
Vikrant ने कहा— “अच्छा है।” “और अगर कुछ अंदर हुआ?”
Vikrant ने कहा— “तो मत पूछना।”
Kabir ने Aarav की तरफ देखा। “मैंने क्यों बोला कि मुझे swimming आती है?”
***
Vikrant ने एक rope निकाली। एक end उसने metal pillar से बाँधा। दूसरा अपने waist पर। “एक-एक करके।”
Meera पहले गई। पानी में उतरते ही उसने कहा— “बहुत ठंडा है।”
Aarav पीछे गया। पानी उसकी chest तक आया। उसकी हथेली गर्म होने लगी। नीली lines पानी के अंदर भी चमक रही थीं। उसने नीचे देखा।
Pool की गहराई में कुछ चमका। एक structure। या stone gate। उसने blink किया। गायब।
Vikrant ने कहा— “नीचे मत देखना।”
Aarav ने पूछा— “क्यों?”
“क्योंकि वहाँ कुछ है।” *** वे एक narrow underwater passage में पहुँचे। कुछ seconds तक सिर्फ darkness। फिर सामने हल्की natural light।
Aarav ऊपर आया। उसने साँस ली। और जो देखा— उसने उसे बिल्कुल चुप कर दिया। वे किसी cave के अंदर थे। लेकिन cave के बाहर— एक पूरा विशाल landscape फैला था। हरा मैदान। बहुत दूर तक। ऊँचे पेड़। अजीब रंग के plants। दूर mountains। और sky— गहरा नीला। एक बड़ा pale moon। और उसके पीछे दूसरा छोटा moon।
Kabir पानी से बाहर आया। “भाई…”
Meera भी ऊपर आई। उसने कुछ नहीं कहा।
Vikrant ने cave के किनारे खड़े होकर landscape देखा।
“Welcome.”
Aarav ने पूछा— “यह कहाँ है?”
Vikrant ने कहा— “मुझे नहीं पता।” “आप चार साल से यहाँ हैं और आपको नहीं पता?”
“मैं एक बहुत छोटे हिस्से में रहा हूँ।”
Aarav ने दूर mountains की तरफ देखा। “तो यह…”
Vikrant ने कहा— “हाँ।” उसने एक word बोला।
“Other Side.”
*** उन्होंने cave के बाहर कदम रखा। हवा में एक strange smell थी। मिट्टी जैसी। लेकिन उसमें कुछ metallic भी था।
Aarav ने grass को देखा। उस पर छोटे blue droplets थे।
Meera ने कहा— “ये plants Earth जैसे हैं।”
Vikrant ने कहा— “कुछ।” “और बाकी?”
“बाकी तुम्हें मार सकते हैं।”
Kabir ने तुरंत हाथ पीछे कर लिया। “ठीक है।” *** कुछ दूर जाने पर उन्हें एक छोटा stream मिला।
Vikrant ने पहले पानी test किया। फिर कहा— “पी सकते हैं।”
Aarav ने bottle भरी। उसने पानी को sunlight में देखा। बहुत हल्का blue tint। उसने notebook निकाली।
“Water sample.”
Meera ने कहा— “तुम अभी भी notes बना रहे हो?”
“हाँ।”
“Good.”
*** दोपहर तक वे cave से ज्यादा दूर नहीं गए।
Vikrant ने एक छोटा temporary shelter दिखाया। कुछ metal sheets।
Dry plants।
Food containers। एक पुराने radio जैसा device।
Aarav ने पूछा— “आप अकेले रहते थे?”
“अब तक।” “आपको लगा कोई और नहीं आएगा?”
Vikrant ने कहा— “मैं उम्मीद करता रहा कि कोई आएगा।”
Aarav ने पूछा— “फिर आपने हमें देखकर डर क्यों महसूस किया?”
Vikrant ने उसे देखा। “क्योंकि जो लोग वापस आते हैं…”
वह रुक गया। “…वे हमेशा वही नहीं होते जो गए थे।”
Aarav ने अपनी हथेली देखी। तीन lines। *** शाम होते-होते environment बदलने लगा। हवा ठंडी।
Insects की आवाज़ बढ़ गई। दूर कहीं कोई भारी creature चिल्लाया।
Vikrant ने तुरंत कहा—
“Shelter में।” तीनों अंदर गए। कुछ minutes बाद grass के बीच movement दिखाई दी। एक बड़ा creature। छह पैर। लंबी body। उसकी skin पर small glowing patches। वह stream के पास आया। पानी पिया। फिर अचानक हवा सूँघी। उसका head shelter की तरफ घूम गया।
Aarav ने साँस रोक ली।
Creature ने कुछ seconds देखा। फिर चला गया।
Kabir ने धीरे से कहा— “यह कितना बड़ा था?”
Vikrant ने कहा—
“Small.”
Kabir ने उसे देखा।
“Small?”
“हाँ।”
Kabir ने चुपचाप बाहर देखना बंद कर दिया। *** रात को Aarav सो नहीं पाया। उसने notebook खोली। आज तक की सारी बातें एक जगह लिखीं।
Breach.
Symbol.
Mark.
Doors.
Vikrant.
Other Side.
Human survivors.
Unknown voices.
Three signals.
उसने नीचे लिखा— **Why me?** फिर दूसरी line— **Why now?** फिर— **Who was the first person with this mark?** उसकी हथेली गर्म हुई। इस बार image नहीं आई। एक बहुत हल्की आवाज़ आई। “तीन…”
Aarav ने सिर उठाया।
Shelter के बाहर darkness थी। फिर आवाज़ दोबारा आई। “तीन लौटे…”
Aarav ने door खोला।
Vikrant पहले से बाहर खड़ा था। उसके हाथ में weapon था। “तुमने सुना?”
Aarav ने सिर हिलाया।
Vikrant ने sky की तरफ देखा। दो moons के बीच एक तीसरी छोटी light दिखाई दे रही थी। लेकिन वह moon नहीं था। वह moving थी। धीरे-धीरे उनकी तरफ।
Vikrant ने कहा—
“Shelter में वापस।”
Aarav ने पूछा— “वह क्या है?”
Vikrant ने जवाब दिया— “मुझे नहीं पता।”
Light नीचे आई। फिर अचानक रुक गई।
Aarav की हथेली चमकी। तीन lines। और इस बार उनके बीच एक fourth line भी बन गई।
Vikrant ने उसे देखा। उसके चेहरे पर पहली बार genuine fear आया। “नहीं…”
Aarav ने पूछा— “क्या?”
Vikrant ने कहा— “तुम्हारा mark बदल रहा है।” दूर sky में moving light अचानक तेज़ हुई। और उसी moment—
Other Side की जमीन के नीचे से एक बहुत गहरी आवाज़ आई। जैसे पूरा landscape किसी विशाल heartbeat की तरह धड़क उठा हो। एक। दो। तीन। फिर— पूरे horizon पर blue lines जल उठीं। बहुत दूर तक। जैसे किसी ने इस दुनिया का नक्शा एक ही पल में रोशन कर दिया हो।
Wild Zone
Chapter 13 — A Different Sky
Audiobook Draft
— — — सुबह नहीं हुई थी। कम-से-कम Aarav को ऐसा लग रहा था।
Other Side में sky अंधेरा था, लेकिन वह Earth की रात जैसा अंधेरा नहीं था। आसमान पूरी तरह black नहीं था। उसमें हल्का नीला रंग था, जैसे किसी बहुत गहरे समुद्र के नीचे से ऊपर देखा जा रहा हो। दो moons अब भी दिखाई दे रहे थे। और तीसरी moving light गायब हो चुकी थी।
Aarav shelter के बाहर खड़ा था। उसकी हथेली पर बना symbol अब पहले से ज्यादा साफ था। तीन lines। एक circle। और उनके बीच वह fourth line, जो कल रात पहली बार दिखाई दी थी।
Vikrant उसके पास आया। “सोए नहीं?”
Aarav ने सिर हिलाया। “नहीं।”
“Good.”
Aarav ने उसकी तरफ देखा।
“Good?”
Vikrant ने कहा— “यहाँ पहली रात कोई भी ठीक से नहीं सोता।”
Kabir shelter से बाहर आया। “दूसरी रात?”
Vikrant ने कहा— “दूसरी रात तक पता चल जाता है कि पहली रात कितनी खराब थी।”
Kabir ने Aarav की तरफ देखा। “मुझे यह आदमी पसंद नहीं है।”
Meera पीछे से बोली— “क्योंकि यह हर बात का answer और डरावना बना देता है।”
Vikrant हल्का मुस्कुराया।
“Survival में useful skill है।” ***
Vikrant ने उन्हें पहली rule समझाई।
“Sunlight आने से पहले shelter से बाहर मत जाना।”
Aarav ने पूछा— “क्यों?”
“क्योंकि यहाँ रात और दिन के बीच कुछ creatures active होते हैं।” “और daylight?”
“कुछ दूसरे।”
Kabir ने कहा— “तो safe कब है?”
Vikrant ने उसे देखा।
“Safe?”
वह हल्का हँसा। “यहाँ safe कोई time नहीं है।”
Aarav ने notebook में लिखा। **Other Side: no completely safe period.**
Meera ने पूछा— “यहाँ दिन कितने घंटे का होता है?”
Vikrant ने कहा— “यहाँ?”
उसने sky की तरफ देखा। “मुझे नहीं पता।” “आप चार साल से यहाँ हैं।” “हाँ।” “फिर भी?”
Vikrant ने कहा— “जब दो moons अलग-अलग speed से चलते हों और sky का color season के साथ बदलता हो, तो Earth की clock बहुत कम काम आती है।”
Aarav ने पहली बार समझा— यह सिर्फ दूसरी जगह नहीं थी। यह दूसरी दुनिया थी। *** कुछ देर बाद sky का color बदलने लगा।
Black से deep blue। फिर horizon पर हल्की pale light।
Vikrant ने shelter से बाहर निकलकर जमीन देखी। “अब।” तीनों बाहर आए।
Daylight में landscape और बड़ा लग रहा था। कल रात darkness ने बहुत कुछ छिपा रखा था। अब उन्हें दूर तक फैला grassland दिखाई दे रहा था। लेकिन grass Earth जैसा नहीं था। कुछ patches नीले। कुछ silver। और कुछ बिल्कुल black। पेड़ों के trunks पतले और बहुत ऊँचे थे। उनकी branches ऊपर जाकर आपस में जुड़ रही थीं।
Leaves के बीच छोटी glowing insects उड़ रही थीं।
Kabir ने कहा—
“Beautiful.”
Vikrant ने तुरंत कहा—
“Touch मत करना।”
Kabir ने हाथ नीचे कर लिया। “मैं बस देख रहा था।” “देखना free है। छूना महँगा पड़ सकता है।” ***
Vikrant ने उन्हें एक small stream के पास ले जाकर पानी भरने दिया। फिर उसने एक dried fruit जैसा organism निकाला। “यह खाने लायक है।”
Kabir ने पूछा—
“Sure?”
“हाँ।” “आपने test किया?”
“पहले दो लोग मर चुके हैं।”
Kabir का चेहरा बदल गया।
Vikrant ने हँसते हुए कहा— “यह वाला safe है।”
Meera ने उसे घूरा। “आप मजाक कर रहे थे?”
“थोड़ा।”
Aarav ने fruit को ध्यान से देखा। उसकी outer skin पर छोटे blue dots थे। उसने एक छोटा piece खाया। कुछ seconds तक कुछ नहीं हुआ। फिर उसे शरीर में हल्की गर्मी महसूस हुई। बहुत हल्की। उसने तुरंत notebook निकाली।
“Food reaction.”
Vikrant ने पूछा— “तुम हर चीज़ लिखते हो?”
“हाँ।” “अच्छी आदत है।” फिर उसने Aarav की हथेली देखी। “लेकिन mark के साथ सावधान रहना।” *** दोपहर के करीब वे grassland से आगे बढ़े।
Vikrant ने एक पुराने path को follow किया।
Path natural नहीं था। दोनों तरफ grass कम थी। जमीन थोड़ी hard थी। जैसे यहाँ से बहुत लोग या creatures गुजरते रहे हों। कुछ दूर जाकर उन्हें पत्थर मिले। एक। फिर दूसरा। फिर कई।
Aarav ने उन्हें देखा। कुछ पत्थरों पर straight lines थीं। कुछ पर circles। एक पर वही तीन-line symbol।
Aarav रुक गया। “यह यहाँ भी है।”
Vikrant ने कहा— “हाँ।” “किसने बनाया?”
“मुझे नहीं पता।”
Meera ने पूछा— “आपने कभी पता लगाने की कोशिश नहीं की?”
Vikrant ने उसकी तरफ देखा। “मैंने चार साल survival में बिताए हैं। Archaeology में नहीं।”
Aarav ने पत्थर को touch नहीं किया। लेकिन उसके हाथ में फिर वही गर्मी हुई। इस बार image छोटी थी। एक road। उस road पर चलते लोग। उनके पास machines थीं। फिर एक विशाल structure। फिर— अचानक सब खाली।
Aarav ने आँखें खोल दीं। “क्या हुआ?”
Meera ने पूछा। “कुछ देखा।” “क्या?”
“लोग।”
Vikrant ने तुरंत पूछा— “कैसे लोग?”
Aarav ने उसे देखा।
“Humans।”
Vikrant कुछ seconds चुप रहा। “यहाँ बहुत चीज़ें human जैसी दिखती हैं।” “लेकिन?”
“लेकिन human होना और human जैसा दिखना अलग है।” *** शाम तक उन्हें एक ridge मिली। ऊपर चढ़कर पूरा landscape दिखाई देता था।
Aarav ने दूर देखा।
Grassland के बाद एक विशाल forest था। उसके आगे mountains। और mountains के पीछे— एक dark vertical line। इतनी दूर कि पता नहीं चल रहा था वह mountain है या structure।
Meera ने binoculars निकाला। कुछ seconds देखने के बाद बोली—
“Structure.”
Vikrant ने कहा— “हाँ।”
Aarav ने पूछा— “क्या?”
“पुराना city wall.”
Kabir ने पूछा—
“City?”
Vikrant ने सिर हिलाया। “शायद।”
Aarav की curiosity तुरंत जाग गई। “हम वहाँ जाएँगे?”
Vikrant ने सीधा जवाब दिया। “नहीं।” “क्यों?”
“क्योंकि forest के बीच एक territory है।” “किसका?”
Vikrant ने कहा— “एक ऐसा creature जो तीन साल में मैंने सिर्फ दो बार देखा।”
Kabir ने पूछा— “कितना बड़ा?”
Vikrant ने जवाब दिया— “बड़ा enough.”
Kabir ने कहा— “यह measurement नहीं है।”
Vikrant मुस्कुराया। “तुम अभी beginner हो।” *** रात होने से पहले वे shelter की तरफ लौटने लगे। लेकिन रास्ते में Aarav रुक गया। उसे जमीन पर कुछ दिखाई दिया।
Footprint।
Human जैसा। लेकिन बहुत बड़ा। लगभग दो Aarav के feet जितना।
Vikrant तुरंत नीचे बैठ गया। उसने footprint देखा। उसका चेहरा बदल गया। “यह यहाँ नहीं होना चाहिए।”
Meera ने पूछा— “क्यों?”
Vikrant ने कहा— “यह species forest में रहती है।” “तो?”
“हम forest से बहुत दूर हैं।”
Aarav ने footprint के आगे देखा। दूसरा। फिर तीसरा।
Footprints उनकी दिशा में आ रहे थे।
Kabir ने धीरे से पूछा— “वो हमारी तरफ आ रहा है?”
Vikrant ने जवाब नहीं दिया। उसने सबको वापस जाने का signal दिया। ***
Shelter से लगभग fifty meters पहले— एक low sound सुनाई दी। धम। फिर जमीन हल्की काँपी। धम। दूसरी बार।
Aarav ने साँस रोक ली। पेड़ों के पीछे कुछ बहुत बड़ा हिला।
Vikrant ने weapon निकाला।
“Lights off.”
सबने तुरंत अपनी torches बंद कर दीं।
Darkness। फिर दो pale eyes। बहुत ऊपर।
Aarav ने सिर उठाया।
Creature trees के पीछे खड़ा था। चार नहीं। छह legs। लेकिन पिछली रात वाले creature से बहुत बड़ा। उसकी body पर hard plates थीं। और उसके head के ऊपर एक लंबा horn जैसा structure। वह हवा सूँघ रहा था।
Aarav की हथेली गर्म होने लगी।
Creature ने अचानक head घुमाया। सीधे उसकी तरफ।
Aarav freeze हो गया।
Vikrant ने उसका shoulder पकड़ लिया।
“Move मत करना।”
Creature कुछ seconds तक उसे देखता रहा। फिर उसने एक low sound निकाली। और धीरे-धीरे forest की तरफ वापस चला गया। कुछ देर बाद footsteps गायब हो गए।
Kabir ने धीरे से पूछा— “अब?”
Vikrant ने कहा— “अब हम shelter में जाएँगे।” “और?”
“और आज रात कोई बाहर नहीं निकलेगा।” ***
Shelter में पहुँचकर Aarav ने notebook खोली। उसने लिखा— **Large predator.** **Territory likely forest.** **Can detect us from distance.** **Mark caused heat response.** फिर उसने एक और line लिखी— **Why do creatures react to me?** वह line पूरी करने से पहले उसकी हथेली चमकी। इस बार image नहीं। एक sound। बहुत हल्की। जैसे किसी ने पत्थर पर उँगली से तीन बार tap किया हो। टक। टक। टक।
Aarav ने सिर उठाया।
Shelter के बाहर वही sound दोबारा हुई।
Vikrant ने भी सुन लिया। वह तुरंत weapon लेकर खड़ा हुआ। “सब पीछे।”
Aarav ने पूछा—
“Creature?”
Vikrant ने सिर हिलाया। “नहीं।” फिर darkness में एक छोटी blue light दिखाई दी। एक। फिर दूसरी। फिर तीसरी। लेकिन इस बार वे आँखें नहीं थीं। वे जमीन पर रखे छोटे markers थे। तीनों के बीच एक straight line बन रही थी।
Vikrant ने उन्हें देखते ही कहा— “यह natural नहीं है।”
Aarav ने पूछा— “तो?”
Vikrant ने धीरे से कहा— “कोई हमें रास्ता दिखा रहा है।” दूर forest की तरफ एक चौथी light जली। फिर पाँचवीं। और बहुत दूर— छठी।
Aarav की हथेली चमक उठी। उसके दिमाग में वही road दिखाई दी जो उसने पहले देखी थी। इस बार road के end पर एक विशाल gate था। और gate के सामने— तीन लोग खड़े थे। उनमें से एक ने हाथ उठाया। फिर image टूट गई।
Aarav ने धीरे से कहा— “वहाँ जाना होगा।”
Vikrant ने उसे देखा। “नहीं।” “क्यों?”
“क्योंकि जिसने यह रास्ता बनाया है…”
वह markers की तरफ देख रहा था। “…वह चाहता है कि हम वहाँ जाएँ।”
Aarav ने पूछा— “तो?”
Vikrant ने कहा— “यहाँ किसी चीज़ का तुम्हें रास्ता दिखाना कभी अच्छी खबर नहीं होती।” और उसी moment— forest की दिशा से एक बहुत दूर की आवाज़ आई। मानवीय आवाज़ जैसी। सिर्फ एक शब्द— “जल्दी।”
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Chapter 14 — Don't Make a Sound
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— — — “जल्दी।” आवाज़ खत्म होते ही सब कुछ फिर शांत हो गया।
Aarav कुछ seconds तक forest की तरफ देखता रहा।
Vikrant ने उसका shoulder पकड़ लिया। “अंदर।” “लेकिन—” “अंदर।” इस बार उसकी आवाज़ में कोई मजाक नहीं था। वे shelter में वापस आ गए।
Vikrant ने entrance बंद किया। फिर उसने एक छोटी metal device निकाली और उसे जमीन पर रखा।
Device ने कोई light नहीं दी। बस एक faint vibration।
Meera ने पूछा— “यह क्या है?”
“Pressure detector.”
Kabir ने पूछा— “किसलिए?”
“अगर बाहर कुछ बड़ा चलेगा तो पता चलेगा।”
Aarav ने कहा— “वही creature?”
Vikrant ने कहा— “शायद।” उन्होंने lights बंद कर दीं। कुछ minutes तक कुछ नहीं हुआ। फिर—
Device ने एक छोटा vibration दिया। एक। फिर दो। फिर तीन।
Vikrant ने हाथ उठाया। सब silent। बाहर grass में movement हुई। बहुत धीमी। एक भारी body जमीन पर घिसट रही थी।
Aarav ने साँस रोक ली। फिर sound बंद।
Pressure detector ने फिर vibration दिया। इस बार चार। पाँच। छह।
Creature shelter के पास था। ***
Kabir ने धीरे से Aarav की तरफ देखा।
Aarav ने उँगली होंठों पर रखी।
Don't make a sound.
बाहर कोई heavy breathing नहीं थी। बस grass की हल्की movement। फिर shelter की outer wall पर— टक। एक हल्की चोट। फिर silence। दूसरी तरफ— टक।
Aarav की हथेली गर्म हुई। वह उसे देखना चाहता था। लेकिन उसने हाथ नहीं उठाया।
Vikrant ने उसकी तरफ देखा और धीरे से सिर हिलाया। कुछ मत करो। *** लगभग पाँच minutes बाद pressure detector शांत हो गया।
Vikrant ने तुरंत बाहर जाने की कोशिश नहीं की। “यह अभी भी पास हो सकता है।”
Kabir ने धीरे से पूछा— “कितनी देर?”
“पता नहीं।”
Meera ने कहा— “तो हम करेंगे क्या?”
Vikrant ने कहा—
“Wait.”
यह शब्द Aarav को सबसे ज्यादा मुश्किल लगा। वह कुछ करना चाहता था। देखना। समझना। लेकिन यहाँ उसकी curiosity भी खतरा थी। उन्होंने लगभग बीस minutes wait किया। फिर detector पूरी तरह silent हुआ।
Vikrant ने entrance थोड़ा खोला। बाहर कोई creature नहीं था। लेकिन जमीन पर एक deep footprint था। और उसके बीच— तीन lines। *** सुबह तक वे shelter से बाहर नहीं निकले।
Sky हल्का होने लगा तो Vikrant ने आसपास check किया।
Creature जा चुका था। लेकिन उसके footprints forest की तरफ नहीं जा रहे थे। वे उस दिशा में जा रहे थे जहाँ रात को blue markers दिखाई दिए थे।
Aarav ने कहा— “यह जानबूझकर था।”
Vikrant ने कहा— “हाँ।” “तो creature भी उसी रास्ते पर गया।” “शायद।”
Meera ने पूछा— “अगर वह markers के पीछे गया तो?”
Vikrant ने जवाब दिया— “तो शायद वह भी किसी चीज़ को follow कर रहा था।” *** उन्होंने camp pack किया।
Aarav ने water bottles check कीं।
Kabir ने food।
Meera ने medical kit।
Vikrant ने weapons और detector। फिर वे blue markers के रास्ते पर चले। पहला marker गायब था। दूसरा भी। तीसरे की जगह सिर्फ blue residue था। चौथे पर एक छोटा stone रखा था। उस पर वही symbol।
Aarav ने कहा— “कोई इन्हें रख रहा है।”
Vikrant ने कहा— “हाँ।” “कौन?”
“यही पता करना है।” *** लगभग एक घंटे बाद forest शुरू हुआ।
Trees बहुत ऊँचे थे।
Ground पर thick moss। कुछ जगह roots जमीन से बाहर निकली थीं।
Vikrant ने warning दी— “कुछ भी मत छूना।”
Kabir ने पूछा— “अगर गलती से छू लिया?”
“पहले मुझे बताना।” “और अगर मैं मर गया?”
“तो बाद में बताने की जरूरत नहीं।”
Kabir ने Aarav की तरफ देखा। “यह आदमी सच में terrible jokes करता है।”
Aarav हँस पड़ा। कुछ seconds के लिए tension कम हुई। फिर Meera ने हाथ उठाया।
“Stop.”
सब रुक गए। उसने सामने जमीन की तरफ इशारा किया। बहुत सारे छोटे footprints। एक ही direction में।
Aarav ने कहा—
“Migration?”
Vikrant ने सिर हिलाया। “नहीं।” “तो?”
“Escape.”
“किससे?”
Vikrant ने forest की तरफ देखा। “पता नहीं।” *** कुछ आगे उन्हें एक clearing मिली।
Clearing में दर्जनों creatures के footprints थे। लेकिन कोई creature नहीं। एक भी नहीं।
Meera ने कहा— “यहाँ कुछ हुआ है।”
Aarav नीचे बैठा। मिट्टी पर long scrape marks थे। कुछ जगह dark stains।
Vikrant ने जमीन को देखा। “यहाँ fight हुई थी।”
Kabir ने पूछा— “किसकी?”
Vikrant ने कहा— “पता नहीं।”
Aarav की हथेली गर्म हुई।
Image आई। एक विशाल creature। कई छोटे creatures भाग रहे थे। फिर sky से blue light। और सब अचानक गायब।
Aarav ने आँखें खोलीं।
“Sky.”
Vikrant ने पूछा— “क्या?”
“कुछ ऊपर से आया।”
Vikrant ने तुरंत sky देखा। कुछ नहीं। *** दोपहर तक forest और घना हो गया।
GPS काम नहीं कर रहा था।
Compass बार-बार direction बदल रहा था।
Vikrant ने physical markers लगाए। “यहाँ से आगे route याद रखना।”
Aarav ने पूछा— “कितना अंदर?”
“जितना जरूरी है।” “यह answer नहीं है।”
“Survival में कई बार यही answer होता है।” *** एक narrow valley के पास उन्हें आवाज़ सुनाई दी। बहुत हल्की।
Metal जैसी। टिक। टिक। टिक।
Aarav ने तुरंत पहचान लिया। तीन knocks। वही pattern।
Vikrant ने weapon ready किया। “कोई है?”
कोई जवाब नहीं। फिर— टक। टक। टक।
Meera ने कहा— “यह वही signal है।”
Aarav आगे बढ़ा।
Vikrant ने उसे रोक दिया। “नहीं।” “लेकिन—” “यह हमें बुला रहा है।”
Aarav ने कहा— “शायद।”
Vikrant ने कहा— “और इसी वजह से नहीं।” *** वे valley के edge पर पहुँचे। नीचे एक narrow ravine थी। उसके बीच में stone structure। बहुत पुराना। आधा जमीन में दबा। उसके ऊपर वही symbol। लेकिन इस बार symbol के चारों तरफ छोटे marks थे। एक। दो। तीन। चार। पाँच।
Aarav ने कहा— “यह कोई count है।”
Meera ने कहा— “या stages.”
Vikrant चुप था।
Aarav ने उसकी तरफ देखा। “आप जानते हैं।”
Vikrant ने कुछ seconds बाद कहा— “मैंने यह symbol पहले देखा है।” “कहाँ?”
“एक पुराने facility में।”
“Earth पर?”
Vikrant ने सिर हिलाया। “हाँ।”
Aarav का दिल तेज़ हुआ। “तो यह connection पहले भी था?”
Vikrant ने कहा— “मैंने कभी नहीं कहा कि यह पहली बार है।” *** अचानक ravine के दूसरी तरफ एक creature दिखाई दिया। वही छोटा four-legged creature। वह structure के पास गया। उसने जमीन सूँघी। फिर एक stone के पास बैठ गया।
Aarav ने उसे देखा।
Creature ने सिर उठाया। सीधे Aarav की तरफ। फिर उसने अपने front leg से जमीन पर तीन बार tap किया। टक। टक। टक।
Aarav की हथेली चमकी। इस बार उसे एक clear image मिली। एक underground room। बहुत सारे लोग। एक विशाल circular machine। और सामने एक Breach। लेकिन Breach दूसरी तरफ नहीं जा रहा था। वह—
Earth के भीतर खुल रहा था।
Image टूट गई।
Aarav ने साँस खींची। “यह possible नहीं।”
Meera ने पूछा— “क्या?”
Aarav ने कहा—
“Breach सिर्फ बाहर नहीं खुलते।”
Vikrant ने उसे देखा। “क्या देखा?”
Aarav ने बताया।
Vikrant कुछ seconds चुप रहा। फिर बोला— “अब समझ आया कि वह facility क्यों बनाई गई थी।” “क्यों?”
“Breach को रोकने के लिए नहीं।” “तो?”
“उन्हें control करने के लिए।” *** उसी समय forest में एक भारी roar गूँजा। पेड़ काँप गए। वही large predator। लेकिन आवाज़ बहुत करीब थी।
Vikrant ने कहा—
“Run.”
तीनों तुरंत पीछे हटे। रोar फिर आया। इस बार दूसरी direction से। फिर तीसरी।
Kabir ने कहा— “एक नहीं हैं।”
Vikrant ने सिर हिलाया। “नहीं।”
Aarav ने पीछे देखा।
Trees के बीच pale eyes। एक। फिर दूसरी। फिर तीसरी। कम-से-कम चार creatures। और वे उन्हें घेर रहे थे।
Vikrant ने कहा— “सब मेरे पीछे।” एक creature ने अचानक आगे कदम बढ़ाया।
Aarav की हथेली जल उठी। उसके दिमाग में एक तेज़ image आई—
Forest floor। एक invisible line। उस line के बाहर creatures। उसने अचानक कहा— “रुकिए!”
Vikrant ने उसकी तरफ देखा। “क्या?”
“वे line cross नहीं कर रहे।”
Aarav ने ground की तरफ इशारा किया। वहाँ बहुत हल्की blue line थी। तीनों उसके अंदर खड़े थे।
Creatures बाहर।
Meera ने कहा—
“Boundary.”
Aarav ने सिर हिलाया। “हाँ।”
Vikrant ने धीरे से कहा—
“Interesting.”
Creature ने आगे कदम बढ़ाया। उसका front foot blue line से कुछ centimeters पहले रुक गया। फिर उसने growl किया।
Aarav ने समझा— यह line सिर्फ marker नहीं थी। यह protection थी। लेकिन protection किसने बनाई थी?
***
Vikrant ने कहा—
“Line से बाहर मत जाना।”
Kabir ने पूछा— “कब तक?”
“जब तक वे चले नहीं जाते।”
Aarav ने forest की तरफ देखा।
Creatures waiting थे। वे हमला नहीं कर रहे थे। बस देख रहे थे। एक creature ने सिर उठाया। फिर दूर sky की तरफ देखा। बाकी ने भी।
Aarav ने ऊपर देखा। कुछ नहीं। फिर— एक blue light। बहुत ऊँचाई पर। धीरे-धीरे नीचे आती हुई। वही moving light जो पिछली रात दिखाई दी थी।
Vikrant का चेहरा बदल गया। “सब नीचे।” उन्होंने झुककर खुद को trees के पीछे छिपाया।
Light नीचे आई। इस बार वह कोई object नहीं थी। वह एक विशाल transparent sphere जैसी थी। उसके अंदर कुछ movement था। और sphere के center में— एक symbol। तीन lines।
Circle।
Fourth line।
Aarav की हथेली तेज़ी से जलने लगी।
Sphere ने अचानक उसकी तरफ direction बदल दी।
Vikrant ने कहा— “नहीं…”
Aarav ने ऊपर देखा।
Sphere सीधे उसकी तरफ आ रही थी। और फिर— उसके अंदर से किसी की आवाज़ आई। “तुम देर से आए।”
Aarav ने पहचान लिया। वह आवाज़ वही थी— जो Breach के दूसरी तरफ से पहली बार आई थी। लेकिन इस बार वह किसी creature की नहीं थी। वह किसी इंसान की थी।
Wild Zone
Chapter 15 — First Hunt
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— — — “तुम देर से आए।” आवाज़ sphere के अंदर से आई थी।
Aarav ने ऊपर देखा।
Transparent sphere हवा में स्थिर थी। उसके भीतर कोई साफ दिखाई नहीं दे रहा था। बस एक धुंधली human-like shape।
Vikrant ने धीरे से कहा— “पीछे हटो।”
Aarav ने कदम पीछे लिया।
Sphere भी उसके साथ move हुई। “यह मुझे follow कर रही है।” “हाँ।” “क्यों?”
“यही पता करना है।” अचानक sphere के अंदर की shape साफ हुई। एक चेहरा। बहुत दूर से दिखाई देता हुआ। लेकिन Aarav पहचान नहीं पाया। फिर shape ने हाथ उठाया। उसके सामने हवा में वही symbol बना। तीन lines।
Circle।
Fourth line।
Aarav की हथेली जल उठी।
Creature जो forest के बाहर खड़े थे, अचानक पीछे हट गए। एक साथ। जैसे उन्हें उस sphere से डर लगा हो।
Vikrant ने यह देखा।
“Interesting.”
Aarav ने कहा— “आप हर चीज़ पर interesting क्यों बोलते हैं?”
“क्योंकि panic करने से कोई फायदा नहीं।”
Sphere अचानक नीचे आई। और जमीन से कुछ centimeters ऊपर रुक गई। उसकी surface पर हल्की cracks जैसी blue lines बनने लगीं। फिर— एक आवाज़। “तीन लौटे।”
Aarav ने पूछा— “कौन तीन?”
Sphere silent। फिर— “तुम तीन नहीं हो।”
Aarav का चेहरा बदल गया।
Kabir ने कहा— “क्या मतलब?”
Sphere के अंदर की figure ने Aarav की तरफ देखा। “तीन गए थे।”
Vikrant ने तुरंत weapon उठाया। “तुम कौन हो?”
Figure ने उसकी तरफ देखा। कुछ seconds silence। फिर— “तुम अभी भी यहीं हो।”
Vikrant जम गया।
Aarav ने उसकी तरफ देखा। “आप इसे जानते हैं?”
Vikrant ने कोई जवाब नहीं दिया।
Sphere अचानक ऊपर उठी। फिर forest के ऊपर जाकर blue light में टूट गई। सैकड़ों छोटे particles हवा में फैल गए। कुछ seconds बाद सब गायब।
Creatures भी जा चुके थे। ***
Aarav ने Vikrant का रास्ता रोक लिया। “अब बताइए।” “क्या?”
“आप इसे जानते थे।” “नहीं।” “उसने आपको पहचान लिया।”
Vikrant चुप रहा।
Meera ने कहा— “आप कुछ छिपा रहे हैं।”
Vikrant ने आखिरकार कहा— “हाँ।”
Kabir ने पूछा— “क्या?”
Vikrant ने forest की तरफ देखा। “चार साल पहले जब मेरी team यहाँ आई थी, हम तीन नहीं थे।”
Aarav ने पूछा— “कितने?”
“सात।” “बाकी?”
“तीन मरे।” “बाकी?”
Vikrant की आवाज़ धीमी हो गई। “तीन गायब।”
Aarav ने धीरे से पूछा— “और एक?”
Vikrant ने उसकी तरफ देखा। “मैं।” *** कुछ देर बाद Vikrant ने उन्हें shelter में वापस ले जाकर एक पुरानी metal box खोली। अंदर photographs थीं। कुछ Earth की। कुछ इस दुनिया की। पहली photo में सात लोग खड़े थे।
Vikrant जवान दिख रहा था। उसके साथ छह लोग।
Aarav ने photo देखी। फिर एक face पर रुक गया। “यह कौन है?”
Vikrant ने कहा—
“Rohan.”
दूसरा।
“Ananya.”
तीसरा।
“Dev.”
फिर उसने photo पलट दी। पीछे एक तारीख लिखी थी।
Aarav ने date पढ़ी। “चार साल?”
Vikrant ने सिर हिलाया। “हम उस दिन Breach पार करके आए थे।”
Aarav ने पूछा— “क्या वापस जाने का रास्ता बंद हो गया था?”
“हाँ।” “फिर तीन लोग कैसे गायब हुए?”
“वे वापस जाने के लिए दूसरा route खोज रहे थे।” “और?”
“उन्हें मिला।”
Aarav की आँखें फैल गईं। “तो वे वापस गए?”
Vikrant ने कहा— “मुझे नहीं पता।” “आपने देखा?”
“नहीं।” “तो?”
“उन्होंने कहा था कि उन्हें Earth की आवाज़ सुनाई दे रही है।”
Aarav ने अपनी हथेली देखी। “और फिर?”
“वे चले गए।” “वापस नहीं आए।” ***
Meera ने पूछा— “आपने government को बताया?”
Vikrant हँसा। “बताया था।” “फिर?”
“उन्होंने कहा कि हम तीन लोग ही गए थे।”
Kabir ने कहा— “क्या?”
Vikrant ने एक पुरानी report दिखाई।
Official expedition record.
**Personnel: 3**
Vikrant। एक researcher। एक security officer। बस।
Aarav ने report और photograph compare की। “यह गलत है।” “हाँ।” “तो बाकी चार लोग?”
Vikrant ने कहा—
“Officially exist ही नहीं करते।”
Room में silence।
Aarav ने पहली बार समझा कि Wild Zones की mystery सिर्फ creatures और Breaches की नहीं थी। लोग भी गायब किए जा सकते थे।
Records भी। *** अगले दिन Vikrant ने उन्हें एक छोटी clearing में ले जाकर कहा— “आज तुम्हें hunting सीखनी है।”
Kabir ने कहा— “अभी?”
“हाँ।”
Aarav ने पूछा— “क्यों?”
“क्योंकि food खत्म होगा।” उन्होंने अपने supplies check किए। चार दिन का खाना।
Water limited।
Vikrant ने कहा— “अगर हम यहाँ ज्यादा दिन फँसे, तो हमें local resources पर depend करना पड़ेगा।”
Aarav ने पूछा— “क्या hunt करेंगे?”
Vikrant ने forest की तरफ इशारा किया।
“Small grazer.”
Meera ने पूछा—
“Dangerous?”
“अगर तुम उसे corner करोगे।”
Aarav ने notebook निकाली।
Vikrant ने कहा— “आज notes बाद में।” “क्यों?”
“क्योंकि पहले देखना सीखो।” *** वे forest edge पर पहुँचे।
Vikrant ने जमीन की तरफ इशारा किया।
“Track.”
Aarav ने footprints देखे। छोटे। चार पैर। कुछ जगह grass दबा हुआ।
Aarav ने कहा— “यह सुबह गया।”
Vikrant ने पूछा— “क्यों?”
“Grass अभी वापस नहीं उठा।”
Vikrant ने सिर हिलाया।
“Good.”
Kabir ने पूछा— “किधर?”
Aarav ने direction बताई। वे आगे बढ़े। कुछ meters बाद एक plant टूटा हुआ था।
Aarav ने कहा— “यहाँ रुका।” “क्यों?”
“इसका bite mark है।”
Vikrant मुस्कुराया। “अब तुम hunter की तरह देख रहे हो।” *** आधा घंटे बाद उन्होंने creature देखा। छोटा। चार पैर। लंबे कान जैसे structures।
Gray-brown skin। वह grass खा रहा था।
Vikrant ने whisper किया— “यह weak है।”
Aarav ने पूछा— “तो?”
“तुम मारोगे।”
Aarav ने उसे देखा। “मैं?”
“हाँ।”
Kabir ने धीरे से कहा— “पहली hunt.”
Aarav ने creature को देखा। वह peaceful था। उसकी कोई aggressive movement नहीं। उसने पहली बार महसूस किया— जानवर को मारना और monster को मारना अलग चीज़ नहीं थी।
Creature बस जीवित था।
Vikrant ने कहा— “अगर नहीं कर सकते, अभी पीछे हट जाओ।”
Aarav कुछ seconds चुप रहा। फिर उसने weapon लिया। ***
Plan simple था।
Meera left side से movement block करेगी।
Kabir right side।
Aarav center से approach करेगा। लेकिन creature ने उन्हें पहले ही notice कर लिया। वह भागा।
Aarav उसके पीछे। कुछ meters। फिर creature अचानक left turn।
Aarav ने direction बदली। वह गिरते-गिरते बचा।
Creature एक छोटे slope पर चढ़ गया।
Aarav ने ground देखा। उसने तुरंत समझा— यह slope slippery है।
Creature के पीछे आने का रास्ता narrow है। उसने सीधे पीछा करने के बजाय दूसरी तरफ जाकर रास्ता block किया।
Creature ने direction बदली। फिर—
Vikrant ने उसे corner नहीं किया। उन्होंने एक खुला path छोड़ा।
Creature उसी path की तरफ भागा। लेकिन वहाँ Aarav पहले से था। एक second। बस एक second।
Aarav ने strike किया।
Creature गिर गया। कुछ seconds तक वह तड़पा। फिर शांत।
Aarav weapon नीचे कर दिया। उसका हाथ काँप रहा था। ***
Vikrant उसके पास आया। “पहली बार?”
Aarav ने सिर हिलाया। “हाँ।” “कैसा लगा?”
Aarav ने जवाब नहीं दिया। उसने dead creature को देखा। “मैंने इसे मारना नहीं चाहा था।”
Vikrant ने कहा— “लेकिन तुमने किया।” “हाँ।” “यह feeling मत भूलना।”
Aarav ने उसकी तरफ देखा। “क्यों?”
“क्योंकि कुछ समय बाद hunting routine बन जाएगी।”
Vikrant ने creature के body की तरफ देखा। “अगर तुम हर kill को सिर्फ number समझने लगे, तो एक दिन तुम गलत creature को गलत वजह से मारोगे।”
Aarav ने सिर हिलाया। ***
Vikrant ने body को खोला। कुछ organs अलग किए। एक small gland जैसी structure निकाली। फिर उसने chest के अंदर से एक छोटा चमकता core निकाला।
Aarav की आँखें उस पर टिक गईं। “यह?”
“Imprint Core.”
Aarav ने पूछा— “इससे ability मिलती है?”
Vikrant ने कहा— “सीधे नहीं।” “तो?”
“पहले stabilize।” उसने core को एक small container में रखा। “फिर compatibility test।” “और अगर compatible?”
“तभी integration।”
Aarav ने पूछा— “क्या यह creature की ability है?”
Vikrant ने कहा— “इस creature की adaptation।”
Aarav ने पहली बार शब्द पर ध्यान दिया।
Adaptation। ***
Core stabilize करने के बाद Vikrant ने एक दूसरा container निकाला। उसमें dead creature की biological energy जमा हुई थी। “यह क्या है?”
“Fitness.”
“Points?”
Vikrant ने उसे देखा। “नाम जो चाहो रखो।” उसने device Aarav के हाथ में दिया।
“Absorb करना है तो थोड़ा।”
Aarav ने पूछा—
“Risk?”
“अगर body capacity से ज्यादा लिया, तो fever, organ stress, muscle damage।” “और?”
“Worst case?”
Vikrant ने सीधा कहा—
“Death.”
Aarav ने device नीचे कर दिया। “तो कितना?”
“हम measure करेंगे।” ***
Aarav ने बहुत छोटी मात्रा absorb की। पहले कुछ नहीं हुआ। फिर उसके शरीर में गर्मी फैल गई।
Muscles में हल्का pressure।
Heart rate बढ़ा। फिर सब normal।
Vikrant ने device देखा।
“Small increase.”
Aarav ने अपनी हथेली बंद की। उसकी grip थोड़ी मजबूत लग रही थी। लेकिन कोई magical jump नहीं।
Vikrant ने कहा— “यही फर्क है।” “किससे?”
“तुम्हें stronger बनने के लिए training करनी होगी।”
Aarav ने पूछा— “तो Fitness सब नहीं है?”
“नहीं।”
“Imprint?”
“वह भी सब नहीं।” “फिर?”
Vikrant ने dead creature की तरफ देखा।
“Body। Imprint। Skill। Experience। और decision।” *** शाम को लौटते समय Aarav चुप था। उसके bag में पहली hunt से निकला material था। एक छोटा stabilized Core। कुछ biological tissue। और एक नई समझ।
Monster मारना सिर्फ power पाने का तरीका नहीं था। यह resource था।
Food था।
Medicine हो सकता था।
Material हो सकता था। और किसी दूसरे की जिंदगी खत्म करना भी। उन्होंने camp के पास पहुँचते-पहुँचते एक आवाज़ सुनी। बहुत दूर से। एक roar। फिर दूसरा।
Vikrant ने कहा—
“Camp में रहना।”
Aarav ने पूछा— “क्या हुआ?”
Vikrant ने horizon देखा। “कुछ बड़ा move कर रहा है।”
Aarav ने sky की तरफ देखा। दूर mountains के पीछे blue light उठ रही थी। उसकी हथेली फिर गर्म हुई। इस बार उसे एक साफ image मिली— एक विशाल creature। उसके chest के अंदर bright core। और उसके पीछे— एक पूरी army जैसे छोटे creatures।
Aarav ने आँखें खोलीं। “वह आ रहा है।”
Vikrant ने पूछा— “कौन?”
Aarav ने horizon की तरफ देखा। “मुझे नहीं पता।” लेकिन ground already हल्का काँप रहा था।