दुर्गाबाई देशमुख कॉलेज ऑफ स्पेशल एजुकेशन पुस्तकालय विवरण

by नूपुर अटल

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विस्तृत सारांश: दुर्गाबाई देशमुख कॉलेज ऑफ स्पेशल एजुकेशन पुस्तकालय विवरण द्वारा नूपुर अटल; Audio by Paper2Audio.

मैं दुर्गाबाई देशमुख कॉलेज ऑफ स्पेशल एजुकेशन के पुस्तकालय का यह विवरण दृष्टिबाधित और अल्पदृष्टि वाले विद्यार्थियों के लिए तैयार करती हूँ ताकि वे सुरक्षित और स्वतंत्र रूप से भ्रमण कर सकें। मुख्य प्रवेश द्वार के सामने लकड़ी का दरवाज़ा और बाईं ओर काँच की खिड़की है, जिसके नीचे कार्ड कैटलॉग कैबिनेट रखा है। फर्श पूरी तरह समतल और बाधा रहित बनाया गया है।

मुख्य द्वार से तीन से चार कदम सीधे चलने पर विद्यार्थी पुस्तकालय के मुख्य अध्ययन क्षेत्र में पहुँचते हैं, जहाँ बीच में एक बड़ी गोल मेज़ रखी है। यह मेज़ पुस्तकालय का प्राथमिक संदर्भ बिंदु है। बाईं ओर लाइब्रेरियन का कार्य क्षेत्र स्थित है और दाईं ओर से अन्य सभी पुस्तक अनुभागों तक जाने का रास्ता शुरू होता है।

गोल मेज़ से दाईं ओर मुड़कर पाँच से छह कदम चलने पर काउंटर अनुभाग मिलता है, जहाँ डिजिटल सेवाओं के लिए कंप्यूटर, स्कैनर और प्रिंटर जैसे उपकरण उपलब्ध हैं। यहाँ से पुस्तक निर्गमन और पाठक सहायता संबंधी सेवाएं प्रदान की जाती हैं। काउंटर के सामने का मार्ग पूरी तरह खुला और सुरक्षित रखा गया है।

पुस्तकालय में पाँच अलग-अलग पुस्तक अनुभाग हैं जो ब्रेल और प्रिंट लेबल के साथ व्यवस्थित हैं। बुक सेक्शन एक में टैक्टाइल और लार्ज प्रिंट पुस्तकें उपलब्ध हैं, जबकि सेक्शन दो में शिक्षा, मनोविज्ञान और भाषा शिक्षण से जुड़ी पाठ्यपुस्तकें हैं। इन सभी रैक पर ब्रेल और प्रिंट लेबल के साथ कॉल नंबर भी अंकित हैं।

आगे बढ़ने पर सेक्शन तीन सामान्य और संदर्भ पुस्तकों के लिए समर्पित है, जो विषयवार समानांतर पंक्तियों में लगी हैं। सेक्शन चार विशेष रूप से ब्रेल पुस्तकों और संदर्भ सामग्री हेतु है। अंत में, सेक्शन पाँच में कक्षा छह से दस तक की एनसीईआरटी ब्रेल पुस्तकें रखी गई हैं जो विशेष रूप से सामाजिक विज्ञान और हिन्दी विषयों के लिए उपयोगी हैं।

वापसी के लिए इन्हीं अनुभागों से होते हुए गोल मेज़ और फिर प्रवेश द्वार तक वापस पहुँचा जा सकता है। सुगम पुस्तकालय का मुख्य उद्देश्य दृष्टिबाधित व्यक्तियों को स्वतंत्रता और समावेशी शिक्षा का अवसर प्रदान करना है। इस पूरे विवरण को कॉलेज की छात्रा नूपुर अटल द्वारा विकसित किया गया है।